पहला कदम

यह हमारा पहला कदम है...
''क्‍योंकि हम लोगों के लिए कुछ करना चाहते हैं, अपने प्रेरक शब्‍दों से। लोगों में बदलाव लाने से पहले हमें अपने स्‍वयं के अंदर बहुत सारे बदलाव लाने होंगे। यह इतना आसान नहीं है, इसमें आप सभी को आगे बढ़कर हमारे साथ सहयोग करना होगा। देश की बागडोर जिन लोगों के हाथों में है वो जनता की कसौटियों पर खरा नहीं उतर पा रहे हैं। अब आप शायद सोच रहे होंगे कि, शब्‍दों से कैसा बदलाव होगा? पहले आपको यह समझना होगा कि, शब्‍द ही सोच बनते हैं और सोच ही बदलाव का कारण बनती है। कभी-न-कभी, किसी-न-किसी को बदलाव के लिए प्रयास करना होगा, क्‍यों ना आज से ही और आप से ही? यह कोई वादा नहीं है, यह एक विचार है जीवनभर के लिए...''


This is our first step... 
"Because we want to do something for people through inspiring words. Before changing the people we will have to bring lots of changes within us. It is not so easy to do this, all you have to step up with us. The reins of the country in the hands of those who are unable to fulfil their promises. Now you might be thinking that how will words change the era..? First you have to understand that, words becomes think and think becomes the reason of change. Some day someone has to raise their voice, why not today, and why not you. That now a promise, that's a Thought for Life-time..."

First
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