God helps those who help themselves...

God helps those who help themselves...

अभी कुछ दिनों पहले महाभारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा महाकाव्य भी है, देख रहा था। प्रथम दिन के युद्ध का Scene चल रहा था। जब अर्जुन सामने अपने भाइयों को देखते हैं। उनका मन विचलित हो जाता है कि, मैं जिन के विरुद्ध युद्ध लड़ रहा हूँ वह सब मेरे अपने ही हैं।

कृष्ण से अर्जुन ने कहा, "अब मैं यह लड़ाई नहीं करना चाहता, I Don't Want To Fight. तो क्या उस समय श्री कृष्ण ने ऐसा कहा कि, ठीक है एक काम करो रथ से नीचे उतर जाओ, रथ के तीन चक्कर लगाओ, नारियल फोड़ो, पूजा करो, दूध चढ़ाओ, प्रार्थना करो और मैं सब सम्भाल लूँगा।

लेकिन अगर कृष्ण चाहते तो चुटकी बजा कर पूरे महाभारत को एक Minute में समाप्त कर सकते थे पर फिर भी उन्होंने ऐसा नहीं किया। क्यों?
मैं बताता हूँ। क्योंकि जब अर्जुन स्वयं कुछ करने को तैयार नहीं थे तो कृष्ण भी उनके लिए कुछ करने को तैयार नहीं थे।

• ऋषि वेद व्यास जिन्होंने महाभारत लिखा, कितने सुंदर तरीके से समझाना चाहते थे कि, अर्जुन के साथ स्वयं कृष्ण रणभूमि में मौजूद थे तो भी अर्जुन को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ी। और हमें ऐसा लगता है कि, थोड़ा सा पूजा-पाठ, मन्नत, धागा बाँधने, यात्रा करने से भगवान हमारी लड़ाई करने के लिए आएँगे। ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला, हमेशा याद रखिए God helps those who help themselves. मतलब कि, ईश्वर भी उन्हीं की सहायता करता है जो अपनी सहायता खुद करता है। अगर हम अपने लिए कुछ करने के लिए तैयार नहीं हैं तो भगवान भी हमारे लिए कुछ करने के लिए तैयार नहीं होगा। इसलिए चमत्कार होते नहीं हैं, चमत्कार करने पड़ते हैं। आपको अपने Efforts, Discipline, Dedication के द्वारा अपनी Life में चमत्कार होने के Chances बढ़ाने पड़ते हैं। Sachin Tendulkar आज वो Sachin ना होता अगर एड़ी-चोटी का पसीना ना बहाता।

• मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है जो दूर कहीं जा कर 10 घंटे Line में लग कर, भगवान के दर्शन करके मन्नत माँगते हैं कि, मेरी नौकरी लग जाए। अरे भाई, इतना समय किसी Company में Interview देने में लगाया होता तो कम से कम एक नौकरी तो मिल ही जाती या कोई नया रास्ता तो मिलता।

या

ऐसे भी लोग होते हैं जो लोग Prayer करते हैं कि, हे भगवान! मेरा Weight कम हो जाए। भगवान ने आपकी प्रार्थना सुन भी ली और वो आपके लिए Exercise करने जाएँगे तो भी उनके Exercise करने से आपका Weight कम नहीं होने वाला तो उस के लिए जो करना है आपको खुद ही करना होगा।

आज कितने सारे लोग भगवान के पास सिर्फ चमत्कार की आशा में जाते हैं सच्चे भक्ति भाव से जाने वाले लोग बहुत कम हो चुके हैं। इसलिए बस इतना कहना चाहता हूँ कि, बस कोशिश करते रहिए भगवान तो हमेशा साथ हैं ही। अपने आप को इस काबिल बनाओ कि, ईश्वर आपका साथ दे।

• इसे एक Example से समझते हैं...
आपने चाय बनाने के लिए बर्तन रखा, आग जलाई, पानी लिया, दूध लिया, चाय पत्ती डाली, चीनी डाली सब कुछ Mix किया, उबाला और चाय बनी, अब उसमें यदि ऐसा लगे कि, उसमें चीनी थोड़ी सी कम है तो आप जरूर प्रार्थना कर सकते हैं कि, हे भगवान चाय में थोड़ी सी मिठास बढ़ा दो। तो वो जरूर बढ़ा देंगे। लेकिन आप एक कोने में कुर्सी पर बैठ कर भगवान को Order दें की भगवान चाय लाओ, तो वो सही नहीं है। कहने का मतलब यह है कि, आपको अपनी तरफ से जो Effort हैं उन्हें पूरा करना/लगाना पड़ेगा।

मैंने ऐसे भी लोग देखे है जो पूजा के चक्कर में किसी से मिलते नहीं है, धूप बत्ती लगा-लगा कर, नारियल फोड़-फोड़ कर परेशान हैं कि, चमत्कार हो क्यों नहीं रहा। स्वयं ईश्वर ने भी गीता में लिखा है कि, कर्म ही पूजा है। मतलब साफ है कि, जो आप काम कर रहे हैं वो ही पूजा के समान है फिर अलग से अगरबत्ती लगाने से क्या होगा?

याद रखें चमत्कार होते नहीं है, चमत्कार करने पड़ते हैं।


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।।।धन्यवाद।।।


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