The Last 3 Wishes Of Alexendra The Great

Alexander

The Last 3 Wishes Of Alexandra The Great...

Aakhri 4 Wishes Alexandra kee...
Alexander the Great जिनको सिकंदर महान के नाम से भी जाना जाता है.इनका जनम 356 ईस्वी में हुआ था इनके पिता का नाम फिलिप था। Alexander अरस्तु का शिष्य था। Alexander ने भारत को 326 ईस्वी में जीतना शुरू किया। वह पूरे भारत पर विजय प्राप्त करना चाहता था परन्तु व्यास नदी को पार करने से इंकार कर दिया। Alexander की मृत्यु 33 वर्ष की आयु में बेबीलोन में 323 ईस्वी में हुई थी। इनकी मृत्यु का कोई पक्का प्रमाण नहीं है पर कहा जाता है कि, किसी Party में इन्हीं की सेना में छुप कर किसी ने किसी खाद्य पदार्थ में Slow Poison मिला कर दे दिया। जिसकी वजह से Alexander का स्वास्थ्य धीरे-धीरे ख़राब हो गया और वो मृत्यु को प्राप्त हो गए।

Alexander से जब पूछा गया कि , आपके बाद आपका राज्य किसको सौंपा जाए ?
तो उनका जवाब था कि, जो सबसे Strong हो क्योंकि कमज़ोर और कायर किसी राज्य को सम्भाल नहीं सकते।

दुनिया Alexander को सिकंदर नाम से भी जानती है क्योंकि वह एक बहादुर योद्धा था और उस पर विजय प्राप्त करना लगभग असम्भव था इसलिए उनको धोखे से मारा गया।
Alexander the great को कौन नहीं जनता पर ये बहुत कम लोग जानते हैं कि, मरते समय उसकी तीन ख्वाईशें थी।
पहली ये कि, उसने अपने Army के Generals को बुला कर कहा, मेरी ये इच्छा पूरी करना कि, दुनिया से बेहतरीन Doctors को बुला कर ले कर आएँ और मुझे उठाएँ और कन्धा दें ताकि दुनिया देख सके कि, जब मौत आती है तो कोई अच्छे से अच्छा doctor भी कुछ नहीं कर सकता, घुटने टेक देता है।

दूसरी इच्छा यह थी कि, जब मेरी अंतिम यात्रा हो, मुझे रास्ते से ले जा रहे हो तो मेरी सारी धन दौलत को पूरे रास्ते में बिखेर देना, रास्ता भर जाना चाहिए मेरी धन दौलत से, सबको दिखना चाहिए की यहाँ कमाया हुआ यही रह जायेगा धरती पर।


तीसरी इच्छा भी थी और अंतिम शब्द भी थे कि मुझे कब्र में ले जाया जाए और दफनाया जाए तो मेरे दोनों हाथ कब्र के बहार लटकाए रखना ताकि लोगो को पता चले कि, जिसने दुनिया जीती थी उसके हाथ भी खाली हैं । लोगों को यह भी समझ आना चाहिए कि, लोग खाली हाथ आते हैं और खाली हाथ ही जाते हैं । मृत्यु के बाद केवल इंसान का नाम ही रह जाता है।


और तो और मौत के बाद सबसे Important ख़ज़ाना भी खाली हो जायेगा जो है Time समय इसलिए समझ लें कि, धरती पर चाहे जितना धन तो कमाया जा सकता है पर चाहे जितनी मेहनत कर लें Time नहीं कमा पाओगे। इसलिए हम आशा करते हैं आपको धन दौलत मिले ना मिले पर अपने परिवार और परिजनों के साथ समय खूब Time मिले। इसलिए हमारा ये Message हर ज़िंदा इंसान को Forward जरूर करें।



Some great quotes by Alexander...

There is nothing impossible to him who will try.जो प्रयास करता है उसके लिए कुछ भी असम्भव नहीं । 
I am not afraid of an army of lions led by a sheep; I am afraid of an army of sheep led by a lion.मुझे उन शेरों की सेना से कोई डर नहीं, जिसका नेतृत्व एक भेड़ करे, बल्कि डर उन भीड़ों की सेना से है जिसका नेतृत्व एक शेर करे।
I am indebted to my father for living, but to my teacher for living well.मैं अपने पिता का आभारी हूँ जिन्होंने मुझे जीवन दिया, पर साथ-साथ अपने गुरु का भी आभारी हूँ जिन्होंने मुझे अच्छा जीवन जीना सिखाया।
Remember upon the conduct of each depends the fate of all.एक व्यक्ति के स्वभाव पर कई लोगों का भाग्य निर्भर करता है।
• I am dying from the treatment of too many physicians.• मैं कई चिकित्सकों के उपचार से मृत्यु प्राप्त कर रहा हूँ।
If I were not Alexander, then should wish to be Diogenes.अगर मैं सिकन्दर ना होता तो Ancient Greek Philosopher होता।
Heaven cannot brook two suns, nor earth two masters.जिस प्रकार स्वर्ग दो सूर्यों की तपन नहीं सह सकता, उसी प्रकार धरती दो राजाओं को सहन नहीं कर सकती।
I would rather excel others in the knowledge of what is excellent than in the extent of my powers and dominion.मैं अपनी शक्ति और साम्राज्य में उन्नति से अधिक, सभी को ज्ञान में उन्नत करना चाहता हूँ।
Alexander: "I will not steal victory like a thief!"
मैं चोरों की तरह जीत को नहीं चुराऊँगा।
Alexander: "I would rather live a short life of glory than a long one of obscurity."
मैं लम्बे जीवन को अंधकार में जीने के बदले, शहादत भरा छोटा जीवन जीना पसंद करूँगा 


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