A Lesson from Kiran Bedi's Life... in Hindi

किरण बेदी के जीवन की एक घटना...

नमस्ते दोस्तों,
Kiran Bedi को कौन नहीं जानता, भारत की First IPS वही हैं।  हाल ही में वे भारत में हुए चुनावों के कारण News में रही थी।  आज मैं आपको Kiran Bedi के जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ। 

हम सब जानते हैं कि, Kiran जी पुरुषों के Getup में रहती हैं जैसे Trousers और Shirt पहनना आदि।  एक बार Kiran Bedi जी Train में सफ़र कर रही थी।  उन दिनों Tennis Match खेलने के लिए उन्हें काफी सफ़र करना पड़ता था। जैसे ही Train Station पर आई, वे महिला डिब्बे (Train Compartment Which Is Reserved For Women) की तरफ भागीं।  डिब्बा खचा-खच भरा हुआ था, बड़ी मुश्किल से खड़े होने की जगह मिल पाई।  जैसे ही Train Station से चली तो उन्होंने चारों ओर देखा तो पाया, आस-पास की कुछ महिलाएँ मेरी तरफ गुस्से से घूर-घूर के देख रहीं थी।

अचानक, उनमें से एक महिला उठी और मुझे मारने लगी।  बस फिर क्या था एक दूसरे की देखा-देखी महिलाओं के हाथ जो भी लगा वो उसी से मुझे मारने लगीं।  वो सब चिल्ला रहीं थी कि, इन लफंगों ने तो जीना मुश्किल कर रखा है।  उस गड़बड़ में मुझे समझ आया कि, ये सभी मुझे लड़का समझ कर मार-पीट रही हैं।  फिर उन्हें ये ख्याल आया कि, उन्होंने तो पेंट कमीज़ और जूते पहन रखे हैं और उनके बाल भी लड़कों जैसे छोटे-छोटे हैं। 

पिटते-पिटते वे चिल्ला रहीं थी कि, मेरी बात सुनिए मैं लड़का नहीं लड़की हूँ, लेकिन भीड़ ने उनकी एक ना सुनी और पीटते हुए सभी महिलाएँ मुझे डिब्बे के दरवाज़े तक ले आईं और वहाँ से बाहर की ओर धकेलने लगीं। उन्होंने दरवाजे को कस कर पकड़ लिया। लेकिन इसी धक्कम-धक्की में कुछ देर बाद उनका एक जूता Railway Track पर गिर गया। उन्होंने अपनी पूरी ताकत से Train का दरवाज़ा पकड़ रखा था फिर भी किसी तरह अपना दूसरा जूता भी उतार कर बाहर फ़ेंक दिया।  ये सोचकर कि, जिसे भी मिले जूतों की पूरी जोड़ी मिले ताकि वो उनका Use तो कर पाए।  क्योंकि एक जूता तो किसी के भी काम का नहीं होता।

अब Station आने तक Kiran जी दरवाज़े से चिपकी रहीं और जैसे ही Station आया धड़ाम से Platform पर गिर पड़ी। Platform का Cement का फर्श था तो सख्त, पर महिलाओं की मार खाने के बाद वही फर्श काफी Comfortble लग रहा था। 

इस घटना के कुछ महीनों बाद Kiran जी ने कहीं पढ़ा कि, एक बार गाँधी जी ने भी ऐसा ही किया था।  Train में सफ़र करते वक़्त जब उनकी एक चप्पल Track पर गिर गई तो उन्होंने दूसरी भी फ़ेंक दी, और कहा कम से कम मुझे ख़ुशी है कि कोई तो उन चप्पलों को Use कर पायेगा। 

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