Say no to Gas Cylinder Subsidy

गैस सिलिंडर सब्सिडी- क्यों छोडें? 

एक बात तो कहनी पड़ेगी कि, पिछले साल 1 करोड़ से अधिक लोग Gas Cylinder Subsidy छोड़ चुके हैं। March 2015 से Give It Up अभियान शुरू हुआ था। बाकी सब तो ठीक है लेकिन एक बात समझ नहीं आती कि, हमारा ही पैसा घुमा-फिरा कर Subsidy के रूप में Indirect तरीके से हमें ही क्यों दिया जा रहा है? अगर देना ही है तो लेते ही क्यों हो? और जहाँ आज भी अधिकतर लोग Middle Family से Belong करते हैं, जहाँ 24% लोगों की एक दिन की Income 1 Us Dollar के बराबर भी नहीं है उन लोगों से Subsidy छोड़ने की बात कहते हैं।

अभी तक कुछ गरीब लोग जो Parliament में बैठे हैं उन्होंने भी तो आज तक Subsidy नहीं छोड़ी तो आम जनता की तो उम्मीद ही छोड़ देनी चाहिए। पहले Subsidy सभी नेताओं को छोड़नी चाहिए उस के बाद किसी से कहना चाहिए। Give It Up से लोगों का तो पता नहीं पर सरकार का फायदा जरूर होगा कि, उनके राजस्व में कुछ पैसे भी बढ़ोतरी हो जाएगी। वैसे भी आज Cylinder घरों मे कम शादियों मे ज्यादा Use होते हैं।

आज भी भारत में ऐसे परिवार हैं जिनकी दो वक्त की रोटी चूल्हे पर ही बनती है। इसलिए मेरा मत एकदम साफ हैं कि, सरकार जो Extra पैसे हमसे Subsidy के रूप में लेती है वो बंद करे ताकि कुछ जरूरतमन्द लोग भी Cylinder खरीद सके क्योंकि बहुत से लोग Cylinder इसलिए नहीं लेते क्योंकि उन्हें पैसे अधिक लगते हैं।
और असलियत तो यह भी है कि, कोई भी अपनी Subsidy छोड़ना नहीं चाहता इसलिए अब तक केवल 3% लोगों ने ही Subsidy छोड़ी है। बात केवल यह खत्म नहीं होती बात तो यह भी है कि, जब लोग Subsidy छोड़ना ही नहीं चाहते, तो फिर TV में Newspaper में Ad क्यों दिखाए जा रहे हैं इस पैसे को जनता की ही भलाई में लगाया जाना चाहिए। 

अब आप लोग जरूर सोच रहें होंगे कि, इसमें तो जनता को अपने विवेक से, समझबूझ से, बुद्धि से काम लेना चाहिए, पर यह तो वो ही बात हो गई कि, सामने गड्ढा है और हम देख कर भी ना चलें। अब अगर TV पर Ad आएगा तो इंसान तो देखेगा ही न, अब आँख तो बंद कर नहीं सकता।

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