How to Grow Emotional Intelligence in Hindi

साम्वेगिक बुद्धि (Emotional Intelligence) बढ़ाने के 4 तरीके... 

हम एक सामाजिक प्राणी हैं और हमारे आस-पास के लोगों को समझना, हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण बात है। कुछ लोगों को उनके इर्द-गिर्द के लोगों की भावनाओं को पढ़ने में बेहद दिक्कत होती है, तो कुछ लोग इन्हें आसानी से समझ लेते हैं। जिन लोगों को दिक्कत होती है उनकी साम्वेगिक बुद्धि कमजोर होती है और जो लोग आसानी से दूसरे लोगों की भावनाओं  को पढ़ पाते हैं उनकी Emotional Intelligence बेहद अच्छी होती है और इसी कारण हमें हमारे  Emotional Intelligence को बढ़ाना आवश्यक है।


• What is Emotional Intelligence..?
साम्वेगिक बुद्धि का मतलब क्या है?

 हमारी क्षमता जिससे हम सचेत रहें, हमारी भावनाओं को नियंत्रण में रखने के लिए और उन्हें दर्शाने के लिए जिसके कारण हम हमारे आपसी सम्बन्धों को विवेकपूर्ण ढंग से सही से सम्भाल  सकें। तो ये रहे वो 4 तरीके जिससे आप लोगों को पढ़ सकते हैं और आपकी Emotional Intelligence को बढ़ा सकते हैं।

1. आपका दिमाग खुला रखिए...

ज्यादातर बार ऐसा होता है कि, हम जब भी किसी के साथ बात करने के लिए जाते हैं तो हम हमारे विचारों को दिमाग में रख कर जाते हैं। पर जब हम उस व्यक्ति से बात करते हैं तो हम उसे अच्छी तरह समझ नहीं पाते और इसी कारण अगर हमें सामने वाले व्यक्ति को समझना है तो हमें हमारे विचारों को कुछ देर तक भूलकर हमारे दिमाग को शांत और खुला रखना होगा। जिसके कारण सामने वाले व्यक्ति के विचार और उसकी भावनाएँ हमारे दिमाग तक पहुँच सकें और अगर आप खुद को उस व्यक्ति की जगह रख कर उसे समझने का प्रयास करेंगे तो उस व्यक्ति के विचारों को और उसकी भावनाओं को आसानी से पढ़ सकते हैं।

2. उनकी शारीरिक भाषा को समझना उपयुक्त है...

हमारे मन में सकारात्मक और नकारात्मक भावनाएँ होती हैं और यह भावनाएँ हमारी शारीरिक भाषा से होकर बाहर आती है। बहुत बार हमें बिना पता चले यह बाहर आती हैं; जैसे हँसना, हमारे पैरों की दिशा, आँखें ना मिलाकर बात करना इत्यादि। इन्हीं चिन्हों के जरिए हम सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं को समझ सकते हैं।

3. हमारे पहले से निर्धारित पुष्टीकरणों को दूर रखिए...

अगर हम किसी व्यक्ति के बारे में एक ही प्रकार से विचार करें तो हम जब भी उस व्यक्ति से मिलेंगे तो हम उसे हमारे विचारों के दृष्टिकोण से ही देखेंगे। इसके लिए आप जब भी उनके साथ बात कर रहे हो तब आप आपके दृष्टिकोण को परखते रहिए और उन दृष्टिकोणों में से कुछ अगर गलत निकलते हैं तो उन्हें बदलने से कतराइए नहीं।

4. भूतकाल को भूतकाल में ही छोड़ दीजिए...

हमारी याददाश्त हमारे लिए एक बहुत बड़ा वरदान है। पर इसके कारण हमें भूतकाल की कुछ ऐसी यादों की भी याद आती है जिनकी जगह इस वर्तमान काल में नहीं है। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि, आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिले जिसका नाम किसी ऐसे बुरे व्यक्ति से मिलता हो जिसे आप जानते हैं, तो आप जिस इंसान से अभी मिले हैं उससे आप कुछ अलग तरह से बर्ताव करेंगे।

आपके जीवन में जो बुरी यादें है उसे लेकर चलने से आपके इस वर्तमान काल पर भी बुरा असर पड़ता है। इससे अच्छा यह है कि, आपके जीवन में आने वाले प्रत्येक अनुभव को एक सीखने का नया मार्ग समझ के उससे नई सीख चुरा लीजिए। आखिरकार जीवन में से कुछ नए अनुभवों से सीख चुराने पर थोड़ी ही पुलिस हमारे पीछे लगेगी।

और यह 4 तरीके आपको लोगों को पढ़ने में, उन्हें जानने में और आपकी Emotional Intelligence को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होंगे। साम्वेगिक बुद्धि पर दुनिया में कुछ रिसर्च किए गए हैं जिनमें से पता चला है कि, एक अच्छी Emotional Intelligence होने पर आप लोगों को सहजता और अच्छी तरह समझ पाते हैं और साथ ही Emotional Intelligent होने पर आपकी सेहत भी बहुत बेहतरीन रहती है।

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