Reality Of Temples in Hindi

Reality Of Temples in Hindi...

आज मैं कुछ अलग लिखने जा रहा हूँ हो सकता है कि, ये आपको अजीब लगे लेकिन ये Article पढ़ने के बाद आज सोचने पे मजबूर जरूर हो जाएँगे...

हम सभी मंदिर जाते हैं, सभी लोग अपनी अपनी मन्नत ले कर ईश्वर के पास जाते हैं भले ही वे किसी भी जगह जाएँ लेकिन उनका एक ही लक्ष्य रहता है कि, उनकी ज़िन्दगी में कभी कोई परेशानी न आए और जो अभी परेशानियाँ है वो भी समाप्त हो जाएँ। कुछ लोग अपने किए हुए का पछतावा करने भी मंदिर जाते हैं और बहुत से लोग मंदिर में कुछ पैसे भी दान करते हैं या चढ़ावा भी चढ़ाते हैं 

क्या आपने कभी सोचा है कि, जो पैसे आप दान पेटी (Offering Box) में डालते हैं उनका क्या होता है और उन पैसों को कौन Use करता है? क्योंकि ये बात तो हम सभी जानते हैं कि, भगवान तो पैसे Use नहीं करते।
आइए पहले कुछ India के कुछ टॉप मंदिरों की केवल एक साल के चढ़ावे पर एक नज़र डाल लेते हैं...
तिरुपति बालाजी - 1,325 Crores
जगन्नाथ पुरी   - 160 Crores
कालीमाता मंदिर   - 250 Crores.
रामकृष्ण मिशन - 200 Crores
वैष्णोदेवी - 400 Crores
अयोध्या - 140 Crores.
शिर्डी साँई बाबा - 100 Crores
सालासर बालाजी - 300 Crores.
और ऐसे मंदिरों की तो List तो बहुत लम्बी है जिनकी कमाई 5 से 50 Crores है। पूरे देश के मंदिरों में 50 लाख करोड़ रूपए और 22 हज़ार टन यानी 30 लाख Quintal सोना है. ये इतना सोना है कि, अगर देश में बाँटा जाए तो हर आज इंसान के पास करीब 1 Kg सोना आ जाए। 

अगर देश के विकास में इतने सोने का Use हो तो भारत के हर गाँव तक पक्की Road बनाई जा सकती है, देश में हर परिवार को पक्का घर मिल सकता है, हमारे देश में Dubai जैसी 10 Cities बनाई सा सकती हैं, पूरे देश में 500 सालों तक Petrol Free हो सकता है, पूरा देश 10 साल तक Railway की Free Journey कर सकता है, हर इंसान को 2 साल तक Free में खाना मिल सकता है।

अब आप खुद भी Idea लगा सकते हैं कि, इतने पैसे से देश में कितनी तरक्की हो सकती है। किसी को कभी भूखा नहीं सोना पड़ेगा, देश में और कितनी Industries लगाई जा सकती हैं जिनसे Unemployment की Problem को जड़ से ख़तम किया जा सकता है हमारे देश में ऐसे बहुत से परिवार हैं जिन्हें अगर पैसों की थोड़ी सी भी Help मिल जाए तो बहुत से झगड़े ऐसे ही बंद हो जाएँ 

हाल ही में मैंने News में ये भी सुना है कि, मंदिरों की Income 27% बढ़ गई है इसका मतलब तो यही है कि, जो पैसे वाले हैं वो और भी पैसे वाले हो रहे हैं और जो गरीब हैं जो और गरीबी में जीने को मजबूर हैं।

आप आप के दिमाग में एक सवाल आ रहा होगा कि, मंदिरों की Income से मुझे क्या Problem है...? Friends बड़ी सीधी से बात है कि, अगर इतने सारे पैसों को एक जगह पर Collect कर के रखा जाए तो देश में गरीबी और भुखमरी बढ़ेगी ही। मुझे किसी भी मंदिर से कोई Problem नहीं है और ये बात कोई इतनी Important भी नहीं है लेकिन Important है तो वो है इतना पैसा, Money जिस से India की पूरी तस्वीर बदल सकती है।

Solution: दोस्तों, मुझे तो इसका एक ही Solution नज़र आता है कि, मंदिरों के Through जो पैसा Collect होता है उस में से मंदिर के Maintenance (रख-रखाव) का पूरा खर्चा निकलने के बाद जो भी पैसा बचता है उसे देश के National Treasure (राष्ट्रीय खजाने) में शामिल कर देना चाहिए जिस से देश में बहुत सी योजनाओं को Start किया जाना चाहिए ताकि देश के लोगों का भला हो सके। 
अगर आप के पास भी कोई अच्छा Solution है तो आप अपना मूल्यवान Suggestion Comment में जरूर लिखें। अगर आप का Suggestion सबके लिए अच्छा होगा तो उस पर हम आपके नाम और Photo के साथ Post भी लिखेंगे।

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