Special Post on Dussehra for Bhannaat Readers

सबसे पहले आप सब को दशहरे की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ...

Friends, हम हर साल दशहरा मनाते हैं और मेला भी घूमने जाते हैं लेकिन हमने कभी ये नहीं सोचा कि, रावण को क्यों जलाया जाता है? क्या रावण ही दुनिया का सबसे बुरा व्यक्ति था या सिर्फ रावण ने ही इस धरती पर सबसे ज्यादा पाप किए थे...? 

अगर राम ने उसे एक बार रामायण में पराजित कर दिया था तो फिर हर साल रावण को क्यों बार-बार मारा जाता है। क्या एक बार मारने से वह मरा नहीं...?

बहुत से लोग इस का जवाब देते हैं कि, यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है इसलिए हर साल रावण का पुतला जलाया जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि, तो फिर रावण का पुतला जलाने पर सभी बुराइयाँ समाप्त हो जानी चाहिए। 
लेकिन ऐसा हुआ तो नहीं न...???

हम ऐसा जवाब इसलिए देते हैं क्योंकि, हम बचपन से ऐसा कहीं न कहीं पढ़ते ओर सुनते आ रहे हैं और हम अक्सर जो लम्बे समय तक सुनते हैं उसी को सच मान लेते हैं। कभी सोच कर देखना कि, क्या आप रावण से अच्छे हैं उसकी नजर तो केवल एक ही स्त्री पर थी, जिसको उसने कभी हाथ भी नहीं लगाया... हम में भी रावण है या नहीं???

आइए आपको बताते हैं कि, रावण कौन था...?

1. Raavan एक ऐसा भाई था जिस ने अपनी बहन के अपमान पर राम लक्ष्मण से बैर कर लिया।
2. रावण जैसा बुद्धिमान और बलवान इस दुनिया में कोई नहीं।
3. रावण का स्वयं काल भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता था।
4. Raavan शिव का भक्त था उसने शिव के लिए अपने सर का 10 बार बलिदान दिया था।
5. रावण वीर ही नहीं, वेदों का अच्छा ज्ञानी भी था उसने एक रावण साहिता किताब भी लिखी थी जिसे दुनिया के सामने नहीं लाया गया।
6. वह बहुत अच्छा Musician भी था वह वीणा बजाने में निपुण था।
7. रावण एक अच्छा और न्यायप्रिय राजा था। उस के राज्य में लोग बहुत सुखी थे। उसके राज्य में सबसे गरीब लोगों के पास भी सोना मिलता था जिस कारण उसके राज्य को सोने की लंका कहा जाता था।
8. वह एक अच्छा राजनीतिज्ञ Teacher भी था इसलिए युद्ध के अंत में राम और लक्ष्मण ने उसके चरणों पर बैठ कर शिक्षा प्राप्त की ।
दुनिया में कोई भी Perfect नहीं है... मोर को अपने पैर अच्छे नहीं लगते, गन्ने मे सुगंध नहीं होती, गुलाब में मिठास नहीं होती, आम का पेड़ आपकी बीमारियाँ दूर नहीं कर सकता, नीम के पेड़ पर फल नहीं लगते, कोई पढ़ने में आगे है, कोई लड़ने में आगे है... इसी प्रकार एक ही मनुष्य में सभी Qualities नहीं हो सकती।

कोई भी इंसान बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता। रावण मे अहंकार आ गया था, राम को सीता पर विश्वास नहीं था, विभीषण लंका का राजा बनना चाहता था, सीता ने भरी सभा में रावण का अपमान किया था। कोई भी पूरी तरह बुराई से, पाप से रहित नहीं हो सकता आपने पाप किया है, मैंने भी पाप किया है, सबने पाप किया है। बाइबल में भी कहा गया है कि, दुनिया में कोई ऐसा नहीं जिसने पाप न किया हो।

आप सब को हमारा संदेश यही है कि, अपने अंदर कि बुराइयों को जलाने की कोशिश कीजिए रावण को जलाने से कुछ नहीं होगा।

एक बार फिर आप सभी को Dushehre की बधाई हो।

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!!!धन्यवाद!!!

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1 comments:

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Unknown
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October 17, 2016 at 11:32 AM delete

Ravan ka bahut accha varnan kiya hai superb

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