Quotes Said by LAL BAHADUR SHASTRI

Quotes by LAL BAHADUR SHASTRI...

Lal bahadur Shastri ke Desh ke prati vichaar...


Laal Bahadur Shastri भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे जो कि, भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करना चाहते थे। ताशकंद के समझौते के दौरान Alexei Kosy ने उन्हें एक Russian Coat उपहार के रूप में दिया. उस Coat को पहनने के बजाए उन्होंने वो Coat अपने एक सिपाही को दे दिया तो Alexie Kosy ने उनसे पूछा कि, क्या Russian Coat उन्हें पसंद नहीं आया तो इस पर लाल बहादुर शास्त्री जी ने उत्तर दिया कि, Russian Coat तो बहुत अच्छा है लेकिन मुझसे अधिक आवश्यकता उस सिपाही को है जो कड़ाके की सर्दी में सरहदों पर खड़ा होकर हमारे देश की रक्षा करता है। ऐसी बहुत सी घटनाएँ हैं उनके जीवन में जिन से पता चलता है कि, लाल बहादुर शास्त्री एक साधारण जीवन जीने वाले ईमानदार पुरुष थे।
1) किसी की भी वफादारी से पहले राष्ट्र के लिए वफादारी जरूरी है और यही पूर्ण ईमानदारी है क्योंकि कोई भी इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता।
That loyalty to the country comes always before of all other loyalties. And this is an absolute loyalty; one cannot convey it in terms of words.

2) पूर्ण स्वराज और लोकतंत्र झूठ और हिंसा से प्राप्त नहीं किए जा सकते।
True democracy or the swaraj of the masses can never come through untruthful and violent means.

3) जो भी सरकार को नियंत्रित करता है उसे लोगों की राय जरूर जान लेनी चाहिए कि, लोग उस के बारे में क्या सोचते है क्योंकि अंत में जनता ही निर्णायक है।
Those who govern country must see how the people react to administration. Ultimately, the people are the final arbiters.

4) विज्ञान और वैज्ञानिक काम में सफलता नियमों का सही पालन करने से नहीं आती है बल्कि सामने आ रही समस्याओं का समाधान करने से आती है और किसी भी काम में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत और निरंतरता बहुत जरूरी है।
Success in science and scientific work come not through the provision of unlimited or big resources, but in the wise and careful selection of problems and their objectives. Above all, what is required is hard sustained work and dedication.

5) धर्म पर बहुसंख्यक नज़रिए से धर्मनिरपेक्ष राज्य में कोई भी निर्णय लेना सही नहीं। आप सब समझते हैं कि, धर्म का मतलब बँटवारा करना नहीं है और सभी धर्म एकता की ओर ले जाते हैं।
The decision on religion as a basis of defining majorities and minorities in a secular state is quite misplaced and contradiction in terms. You all understand, I am sure, that religion does not aim at dividing. On the other hand, all true religions have a basic unity.

6) अगर पाकिस्तान ने हमारे देश के किसी भी किस्से को हड़पने के बारे में सोचा भी तो उसे इस पर दोबारा से सोच लेना चाहिए, क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो उनकी ताकत का सामना हमारी ताकत से होगा और उनका यह सपना कभी भी सच नहीं हो पाएगा।
If Pakistan has any ideas of annexing any part of our territories by force, she should think afresh. I want to state categorically that force will be met with force and aggression against us will never be allowed to succeed.

7) हमारे इस विशाल देश में लोग भिन्न-भिन्न भाषा बोलते हैं, उनका पहनावा अलग है और उनके धर्म और रीति रिवाज़ भी अलग-अलग हैं, लेकिन फिर भी हम सब एक राष्ट्र हैं, हमारी स्वतंत्रता का इतिहास और हमारा विश्वास हमें विकास की ओर ले जाता है।
In this vast country of ours, people profess different religions, speak different languages, dress differently and observe different customs; but we are one nation; the history of our struggle for independence and our faith in our future development are our common bonds.

8) भ्रष्टाचार को हटाना एक बहुत ही जटिल कार्य है
 अगर हम इसको हटाने में असफल रहे तो हम भविष्य में बहुत बड़ी समस्या में आने वाले हैं।
Sampling out corruption is a very tough job, but I say so in all seriousness that we would be failing in our duty if we do not tackle this problem seriously and with determination.
9) पूरे भारत को शर्म से सर झुका लेना चाहिए अगर एक इंसान भी छुआछूत की समस्या से ग्रसित है।
India will have to hang down her head in shame if even one person is left who is said in any way to be untouchable.

10) स्वतंत्रता को बचाए रखना केवल सैनिकों का कार्य नहीं, पूरे राष्ट्र को एक होना पड़ेगा। हम सबको अपना-अपना योगदान और बल प्रदर्शन करना होगा ताकि और लोग भी प्रेरित होकर सामने आ सकें और ऐसा केवल कहने मात्र से नहीं हो सकता, हम सब को इसे कर के दिखाना होगा।
The preservation of freedom is not the task of soldiers alone. The whole nation has to be strong. We all have to work in our respective spheres with the same dedication, the same zeal and the same determination which inspired and motivated the warrior on the battle front. And this has to be shown not by mere words, but by actual deeds.

ये लाल बहादुर के द्वारा कहे गए कुछ महत्वपूर्ण विचार थे, जो आज भी हम सब को रास्ता दिखाते हैं।



लेख अच्छा लगने पर Share करें और अपनी प्रतिक्रिया Comment के रूप में अवश्य दें जिससे हम और भी अच्छे लेख आप तक ला सकें। यदि आपके पास भी कोई लेख, कहानी, किस्सा हो तो आप हमें भेज सकते हैं, पसंद आने पर लेख को आपके नाम के साथ भन्नाट.कॉम पर पोस्ट किया जाएगा, अपने सुझाव आप wordparking@gmail.com पर भेजें, साथ ही Twitter पर फॉलो करें Twitter@Bhannaat
!!!धन्यवाद!!!
Previous
Next Post »

2 comments

Write comments
HindIndia
AUTHOR
December 30, 2016 at 5:12 PM delete

As usual शानदार पोस्ट .... Bahut hi badhiya .... Thanks for this!! :) :)

Reply
avatar
December 30, 2016 at 6:11 PM delete

dhanvyaad hindindia aap ka naam batayen...

Reply
avatar
loading...