Story of Tanali Raman in Hindi

Story of Tanali Raman…

Kahani Tenali Rama ki...

एक बार की बात है, किसी जगह के राजा ने अपने महल में एक दावत (feast) रखी। 


राजा बहुत ही अच्छा था इसलिए वह सभी का अच्छी तरह आदर सत्कार करना चाहता था और वह यह भी नहीं चाहता था कि, दावत में किसी भी प्रकार की कोई कमी हो... उसने बड़ी सूझ-बूझ के साथ इस काम को तेनाली रामन को सौंपा। तेनाली रामन को तो हम सब जानते ही हैं। उनकी कई कहानियाँ हम सब ने पढ़ी भी होंगी। तेनाली रामन एक कुशल व्यक्ति होने के साथ-साथ एक ईमानदार और बुद्धिमान व्यक्ति भी थे।

तेनाली रामन ने यह दावत का काम अपने हाथ में ले लिया और राजा को भरोसा दिलाया कि, भोजन में किसी भी प्रकार की कोई भी कमी नहीं आएगी। तेनाली रामन ने अगले दिन से ही दावत की तैयारियाँ शुरु कर दी... उसने सभी सब्जियाँ अच्छे से काट लीं और अलग-अलग प्रकार के भोजन के लिए अलग प्रकार के हलवाई को भी बुलाया गया।

अभी सब तैयारियाँ चल ही रही थीं कि, राजा के मन में रसोई में जाने का विचार आया, राजा सब Management देख ही रहा था कि, इतने में उसकी नज़र कटी हुई सब्जियों पर पड़ी। उसने देखा कि, बहुत सारी कटी हुई फालतू पड़ी हुई थी और फेंकी जाने वाली थी। उसने तेनाली रामन से पूछा कि, इन सब्ज़ियों का क्या किया जाएगा? तेनाली रामन से answer दिया कि, ये सब्जियाँ तो फेकी जाएँगी क्योंकि सब्जियों का खाने वाला भाग तो use किया जा रहा है और इन सब्जियों का कोई उपयोग नहीं है, इसलिए हम इसे फ़ेंक देंगे। तब राजा ने कुछ सोचा और तेनाली रामन को order दिया कि, किसी भी सब्जी का कोई भी भाग फेंका नहीं जाएगा। इन बची हुई सब्जियों को भी किसी न किसी तरह से काम में लाया जाए और अपना order दे कर राजा वहाँ से चला गया।


अब तेनाली रामन बहुत बड़ी दुविधा में था क्योंकि अब उसे कुछ ऐसा काम करना था जो आज से पहले किसी ने न तो सोचा था और न ही किया था। उसके सभी हलवाईयों से कहा कि, इन बची हुई सब्जियों को भी धो कर रख लें क्योंकि उसके mind में एक बहुत ही अच्छा idea आया था या यूँ कह लीजिए कि, एक नई dish का आविष्कार होने वाला था।

तेनाली रामन ने एक बड़ा सा घड़ा लिया और उसमें पानी और बची हुई सब्जियाँ डाल दीं। साथ ही उसने एक हलवाई को नारियल की चटनी बनाने को कहा फिर उसमें नारियल की चटनी और सभी मसालों को सही quantity में mix कर के घड़े में गर्म पानी में डाल दी जिसमें उसने पहले से ही उन सब्जियों को डाला हुआ था।

कुछ देर बाद उस धड़े में से भीनी-भीनी खुशबू आने लगी जिस से पता चल रहा था कि, जो नया व्यंजन बना है वह कितना स्वादिष्ट है। फिर दावत वाला दिन भी आ गया सभी को 56 भोग के साथ-साथ कटी हुई सब्जियों का soup भी दिया गया। क्योंकि किसी से भी पहले उस soup को taste नहीं किया था तो सभी के लिए यह एक नया experience था taste करने के बाद दावत में आए हुए सभी लोग उस soup की प्रशंसा करते नहीं थक रहे थे।


यह सब सिर्फ तेनाली रामन की सूझ-बूझ के कारण ही हो पाया था राजा ने खुश हो कर तेनाली रामन को उचित पुरस्कार भी दिया।

देखा जाए तो तेनाली रामन के सामने एक problem थी लेकिन तेनाली ने उसे problem में से उसका innovative solution निकला क्योंकि तेनाली ने problem पर focus करने की बजाए उस के solution पर focus किया। 
नज़रिए में एक छोटा सा बदलाव आपकी पूरी life बदल सकता है। Attitude is a little thing which makes a big difference…


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2 comments

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HindIndia
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March 8, 2017 at 3:16 AM delete

हमेशा की तरह एक और बेहतरीन लेख ..... ऐसे ही लिखते रहिये और मार्गदर्शन करते रहिये ..... शेयर करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। :) :)

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March 8, 2017 at 11:13 PM delete

धन्व्याद hindindia आप जैसे लोगों का सपोर्ट चाहिए

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