Indian History part 3: Foreign Travellers Details in Hindi



Foreign Travellers Details in Hindi: Indian History part 3



भारत आए विदेशी यात्री: भाग 3



यहाँ पर विदेश से आने वाले सभी यात्रियों के बारे में जानकारी दी गई है जो कि, students के लिए बहुत ही useful है। ये जानकारी सरकारी jobs के exams में भी काम आएगी और इस से हमें इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है।



प्लिनी - यह भारत में पहली शताब्दी में आया था प्लिनी द्वारा 'नेचुरल हिस्ट्री' (Neutral History) नामक पुस्तक लिखी गई है। इस पुस्तक में भारतीय पशुओं, पेड़ों, खनिजों आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।

plani: he came in india in 1st century. natural history book has been written by plani. this book is a source of information about animals, trees, minerals etc


टॅालमी- 'भारत का भूगोल' नामक पुस्तक के लेखक टॅालमी ने दूसरी शताब्दी में भारत की यात्रा की थी।
tolmi - geography of india the book has been written by talmi in 2nd century and travelled in india.


मेगास्थनीज - यह एक यूनानी शासक सैल्युकस निकेटर का राजदूत था जो 302 ई.पू. चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। यह 6 वर्षों तक चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहा और 'इण्डिका' नामक पुस्तक लिखी। इस पुस्तक से मौर्य युग की संस्कृति, समाज एवं भारतीय इतिहास की जानकारी प्राप्त होती है।


Megasthenes - he was the ambassador of seleucus nicator who came in the rule of chandrgupta morya. he stayed up to 6 years in his court and written a book called indica. morya culture, morya society and indian history has been engraved in this book.


डाइमेकस - यह बिन्दुसार के राज दरबार में आया था। डाइमेकस सीरीयन नरेश आन्तियोकस का राजदूत था।इसके द्वारा किए गए विवरण मौर्य साम्राज्य से सम्बन्धित है।


Diamakes: he came in bindusara's period. dimakas was the ambassador of anti kayaks. his details are inscribed in morya kingdom.


डायोनिसियस- यह यूनानी राजदूत था जो सम्राट अशोक के दरबार में आया था। इसे मिस्र के नरेश टॅालमी फिलेडेल्फस द्वारा दूत बनाकर भेजा गया था।


Deimachus - he was a ambassador from unan came in akbar's court. he has been sent to india by the king of egypt called filidalas.


फाहियान - यह एक चीनी यात्री था जो गुप्त साम्राज्य में चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में 405 ई. में भारत आया था तथा 411 ई. तक भारत में रहा। इसका मूल उद्देश्य भारतीय बौद्ध ग्रंथों की जानकारी प्राप्त करना था। इसने अपने विवरण में मध्यप्रदेश की जनता को सुखी और समृद्ध बताया है


fiyahan: he came all the way from china who came at chandragupta's 2nd period in 405. he lived in india till 411 ad. his objective was to collect information about indian boudhs. he told that madhyapradesh people was very happy in their land.



हेुंएनसाँग- यह भी एक चीनी यात्री था जो हर्षवर्धन के शासन काल में भारत आया था। यह 630 ई. से 643 ई. तक भारत में रहा तथा 6 वर्षों तक नालंदा विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की। हुएनसाँग के भ्रमण वृत्तांत को सि-रू-की नाम से भी जाना जाता है। इसके विवरण में हर्षवर्धन के काल के समाज, धर्म एवं राजनीति का उल्लेख है।


संयुगन - यह चीनी यात्री था जो 518 ई. में भारत आया था। इसने अपनी यात्रा में बौद्ध धर्म से सम्बन्धित प्रतियाँ एकत्रित किया।


syungan - he was chinese traveller came in india in 518 ad. he collected boudh books and boudh materials during travelling.


इत्सिंग - इस चीनी यात्री ने 7 वीं शताब्दी में भारत की यात्रा की थी। इसने नालंदा विश्वविद्यालय तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय का वर्णन किया है।


I tsing - tsing came in india in 7th century. he descried nalanda university and vikramshila university.


अलबरूनी - यह भारत महमूद गजनवी के साथ आया था। अलबरूनी ने 'तहकीक-ए-हिन्द या 'किताबुल हिन्द' नामक पुस्तक की रचना की थी। इस पुस्तक में हिन्दुओं के इतिहास, समाज, रीति रिवाज तथा राजनीति का वर्णन है।

Al bruni - he came in india with Mahmud Ghazni. Al Bruni has written Tahqeeq E Hind or Kitab Ul Hind books. indian culture, indian custom and indian politics has been described in these books.




मार्कोपोलो- यह 13 वीं शताब्दी के अन्त में भारत आया था। यह वेनिस का यात्री था जो पांडय राजा के दरबार में आया था।


Marco polo- he came in the end of 13th century in India. he was the traveler from venice and came in panday's kingdom.


इब्नबतूता - यह अफ्रीकी यात्री मुहम्मद तुगलक के समय भारत आया था। मुहम्मद तुगलक द्वारा इसे प्रधान काजी नियुक्त किया गया था तथा राजदूत बनाकर चीन भेजा गया था। इब्नबतूता द्वारा 'रहेला' की रचना की गई है जिससे फिरोज तुगलक के शासन की जानकारी मिलती है।


Ibn battuta- he was from africa came at the muhammad tughlaq period. he has been appointed as a minister and was sent to china as a ambassador. rahela is the creation of  ibn battuta



अलमसूदी - यह अरबी यात्री प्रतिहार शासक महिपाल प्रथम के शासन काल में भारत आया था। इसके द्वारा 'महजुल जबाह' नामक ग्रंथ लिखा गया था।


Al Bruni: He Has The Arabian Traveller Who Came At The Time Of Mahipal First In India. He Has Written The Religious Book Called Mahjul Jabaab.


अब्दुल रज्जाक- यह ईरानी यात्री विजय नगर के शासक देवराय द्वितीय के शासन काल में भारत आया था।


Abdul Razzak: He Was Traveller From Iran. He Came In The Period Of Krishna Devrai Second Who Was The Ruler Of Vijaynagar.


पीटर मण्डी - यह यूरोप का यात्री था जो जहाँगीर के शासन काल में भारत आया था।



Peter Mandi - He Was Traveller From Europe Who Came In Jahangir'S Kingdom.


बाराबोसा- यह 1560 ई. में भारत आया था जब विजय नगर का शासक कृष्ण देव राय था।


Baraosa- He Came In India In 1560 At The Time Of Krishnadev Rai Who Was The Ruler Of Vijaynagar.


निकोला मैनुकी - यह वेनिस का यात्री था जो औरंगजेब के दरबार में आया था। इसके द्वारा 'स्टोरियो डी मोगोर' नामक ग्रंथ लिखा गया जिसमें मुगल साम्राज्य का वर्णन है।



Nikola Menuki- He Was A Traveller From Venice Who Came At The Time Of Aurangzeb. He Has Also Written The Book Store De Mogero Which Has Detailed About Mughal Kingdom





बेलैंगडर डी लस्पिने - यह एक फ़्रांसीसी सैनिक था जो 1672 ई. में समुद्री बेड़े के साथ भारत पहुँचा था। इसके द्वारा पाण्डिचेरी नगर की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान रहा था ।



Balegader De Lespine- He Was A French Soldier Who Came India Through Sea Route In 1672. He Has The Great Contribution To Settle Pondicherry City.



जीन बैप्टिस्ट तेवर्नियर - यह शाहजहाँ के शासन काल में भारत आया था। इसके द्वारा ही भारत के प्रसिद्ध हीरा 'कोहिनूर' की जानकारी दी गई हैं।



Jean Baptist Tavernier- He Came In India At The Time Of Shahjahan. He Has Also Given Information About Kohinoor Diamond.



कैप्टन हॅाकिग्स - यह 1608 ई. से 1613 ई. तक भारत में रहा। यह जहाँगीर के समय भारत आया था तथा ईस्ट इण्डिया कम्पनी के लिए सुविधा प्राप्त करने का प्रयास किया। यह फारसी भाषा का जानकार था। इसके द्वारा जहाँगीर के दरबार की साज सज्जा तथा जहाँगीर के जीवन की जानकारी प्राप्त होती है।


Captain Hawkins: He Lived In India From 1608 To 1613. He Came At The Time Of Jahangir And He Tried To Give Advantage For East India Company. He Had Knowledge Of French Language. Jahangir'S Life And His Kingdom'S Detail Was Given By Hawkins.



सर टामस रो - यह 1616 ई. में जहाँगीर के दरबार में आया था। इसके द्वारा जहाँगीर से ईस्ट इण्डिया कम्पनी के लिए व्यापारिक सुविधा प्राप्त करने का प्रयास किया गया था।



Sir Tomas Roy: He Came To Jahangir'S Kingdom In 1616. He Has Beged Some Trade Advantages For For East India Company By Jahangir.



बर्नियर- यह एक फ़्रांसीसी डॉक्टर था जो 1556 ई. में भारत आया था। इसने शाहजहाँ तथा औरंगजेब के शासन काल का विवरण किया है। इसकी यात्रा का वर्णन 'ट्रेवल्स इन द मुगल एम्पायर' में है जो 1670 ई. में प्रकाशित हुआ था।



Barnier: He As The French Doctor Who Came In India In 1556. He Has Described Shahjahan'S And Aurangzeb'S Period. His Journey Has Been Described In "Traveler In The Mughal Empire" Which Was Published In 1660.



हमिल्टन - यह एक शल्य चिकित्सक था जो फारुखसियार के शासन काल में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के प्रतिनिधि मण्डल का सदस्य बनकर भारत आया था।





Hemilton: He Was A Doctor And Came To India At The Time Of Farrukhsiyar As The Member Of East India Company.


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