Garik Kasparov Autobiography In Hindi

Garik Kasparov Autobiography In Hindi



गेरिक कास्परोव की जीवनी हिंदी में...

Name :                 Garry Kimovich Kasparov
Country:             Soviet union, russia, croatia
Date of birth :  13 April 1963 Baku, Azerbaijan SSR, Soviet Union


Age :                     54
Title :                   Grand master since 1980
Ranking Peak : No. 1 ( since January 1984)


Website   :          www.kasparov.com

Garik Kimovich Chess खेल के दुनिया के सबसे महान Player हैं। इनका जन्म 13 अप्रैल 1963 में हुआ। ये एक Russian Chess ग्रैंडमास्टर, World Chess Champion, Writer और एक अच्छे राजनतिज्ञ भी हैं। 1986 से लेकर 2005 तक जब वे Retire हुए, वह Chess में दुनिया में Rank 1 पर रहे। Garik Kimovich के पास दुनिया में लगातार 15 बार Chess जीतने का खिताब भी है इर उन्हें उसके कारण 11 बार Chess Oscar से सम्मानित भी किया गया है। 



Kasparov 22 वर्ष की उम्र में Anatoly Karpov को हराकर 1985 में दुनिया के महान Chess Champion बने। उन्हें 1993 Official Fide World Title भी मिला। Fide Championship के अंतर्गत वह एक बार Computer से हार भी चुके हैं जिसका नाम था Ibm Super computer Deep Blue. वह Classical World Chess Championship में एक बार Vladimir Karamnik से वर्ष 2000 में हार चुके हैं।  इस हार जीत के सिलसिले में वह कई मैच जीते और उनमें से कुछ हारे भी लेकिन फिर भी उनकी Rank World में No. 1 पर है अपने Retirement तक वह बहुत से टूर्नामेंट जीत चुके थे। 



Political Career: 



कास्परोव ने अपनी Retirement का Announcement 10 मार्च 2005 में किया। अपनी Retirement के बाद उन्होंने अपना अधिकतर समय Writing और राजनीति में दिया। इनके साथ-साथ उन्होंने United Civil Movement की शुरुआत भी की। इसके बाद उन्होंने रूस के President की कुर्सी की तरफ भी कदम बढ़ाया लेकिन वे अपने लिए Supporters को एकत्र नहीं कर पाए और उन्हें अपने कदम वापस लेने पड़े क्योंकि President बनने के लिए कानूनी तौर पर आपके पास बहुत से Supporters होने चाहिए जो कि, उनके पास नहीं थे। देखा जाए तो Russia में केवल Putin भी एकमात्र बड़े राजनीतिज्ञ हैं और उनके विरुद्ध चुनाव लड़ना इतना आसान नहीं।



वह आज Human Rigts Foundation और International Council के Chairman हैं कास्परोव अमेरिकन प्रोफेसर Emeritus जो कि, Russian सोवियत संघ के मेम्बर हैं को अपना Role Model मानते हैं 


Early Career



Kasprov का जन्म Biku Azerbaijan Ssr में हुआ जिस जगह को अब Azerbaijan सोवियत संघ के नाम से जाना जाता है। जन्म से इनका नाम Garik Kimovich था इनके पिता का नाम Kim Moiseyevich Weinstein था जो कि, एक Russian Jewish थे और उनकी माँ Klara Shagenovna Gasparia Armenian थी। कास्परोव अपने आप को खुद के द्वारा बनाया हुआ ईसाई (Self-Appointed Christian) कहते हैं।


Kasprov को Chess में Interest तब आया जब उनमें माता-पिता ने उन्हें एक शतरंज की एक चाल सुलझाने को कहा। उनके पिता की मृत्यु लेकिमिया के कारण हुई जब उनकी उम्र केवल 7 वर्ष की थी, अपने पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी माता का अर्मनियन नाम जो कि Gasparian है उसे अपने नाम के साथ जोड़ लिया जिसे Russian Language में Kasparov कहा गया।


कास्परोव ने 7 वर्ष की छोटी Age में ही Chess की Study Start कर दी थी, वह पायनियर पैलेस Biku में ट्रेनिंग के लिए जाते थे। 10 साल कि उम्र में Chess ट्रेनर Vladimir Makogonov ने उनके शतरंज के हुनर को पहचान लिए और शतरंज के स्किल्स और दाँव-पेच सिखाए। जल्द ही Kasparov शतरंज को अच्छे से सीखते चले गए और बाद में उन्होंने 13 वर्ष की आयु में 1976 में सोवियत जूनियर Championship Tbilisi, 9 में से 7 पॉइंट्स से जीत ली। अलगे अपने वर्ष भी यही रिपीट हुआ लेकिन इस बार 9 में से उनके 8½ पॉइंट थे। उस समय वे Alexander Shakarov से ट्रेनिंग ले रहे थे।




Kasprov ने Sokolsky मेमोरियल टूर्नामेंट मिन्स्क ने 1978 में भाग लिया। उन्हें वहाँ केवल भाग लेने के लिए बुलाया गया था लेकिन उन्होंने उन टूर्नामेंट में प्रथम स्थान प्राप्त किया और वहाँ से वह Chess के मास्टर बन गए। कास्परोव ने बार-बार कहा है कि, ये इवेंट मेरी Life का एक Turning पॉइंट था और यही क्षण था जिसने उन्हें Chess को Career के रूप में लेने को मजबूर कर दिया, वह कहते हैं कि, वे Sokolsky के Event को अपने मरते दम तक नहीं भुला सकते।



सन 1978 में उनका सिलेक्शन 15 वर्ष की आयु में सोवियत Chess Championship के लिए हुआ। उस समय वे Chess के सबसे कम उम्र में ख़िलाड़ी थे। उन्होंने Igor V को हराकर 64 Player स्विस System टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। जल्द ही उनका नाम World Chess Federation Rankings में छा गया। Russia में उन्होंने Russian Chess Federation जीत हासिल की, जिसमें उन्हें 2595 पॉइंट मिले जो कि, शतरंज में केवल चोटी के खिलाड़ियों को ही मिलते हैं। बाद में उन्हें Chess से Retire होने के लिए सोवियत की तरफ से Pressure आने लगा। उन समय वे दुनिया में 15 वें नम्बर पर थे। लेकिन एक बार फिर उन्होंने सोवियत यूनियन Chess ओलिंपियाड Valletta, Malta में भाग लिया और ग्रांडमास्टर बन कर निकले। 




Achievements उपलब्धियाँ: 



- अपने किशोरावस्था में उन्होंने Ussr Chess Championship अपने नाम की।

- Bugojno, Bosnia में उन्होंने Superclass Chess Level International Tournament में भाग लिया और First Place प्राप्त किया।
- Moscow Interzonal Tournament में भी उन्होंने Top स्थान प्राप्त किया।
- 19 साल की छोटी सी उम्र में Chess में Rank 2 पर रहे।
- Kasparov ने Alexander Beliavsky को 6-3 से हराया।
- January 1984 में उन्होंने Chess में 2710 Fide Rating से Rank 1 प्राप्त की।


Note:  यह पोस्ट हमने हमारे एक reader मुकेश जी की request पर लिखी है यदि आप भी किसी particular topic पर पोस्ट पढ़ना चाहते हैं तो हुए contact us में जा कर हमें contact जरूर करें. धन्यवाद मुकेश जी !!!


लेख अच्छा लगने पर Share करें और अपनी प्रतिक्रिया Comment के रूप में अवश्य दें, जिससे हम और भी अच्छे लेख आप तक ला सकें। यदि आपके पास भी कोई लेख, कहानी, किस्सा हो तो आप हमें भेज सकते हैं, पसंद आने पर लेख को आपके नाम के साथ भन्नाट.कॉम पर पोस्ट किया जाएगा, अपने सुझाव आप Wordparking@Gmail.Com पर भेजें, साथ ही Twitter पर फॉलो करें
धन्यवाद !!

Previous
Next Post »