Tanaav ke Kaaran aur Samadhan in Hindi

तनाव के कारण और समाधान...

नमस्ते दोस्तों, 


आज कल के व्यस्त जीवन में तनाव से ग्रस्त होना एक आम बात सी हो गई है, चाहे वो कोई छात्र हो, व्यवसायी हो या किसी भी उम्र का व्यक्ति हो, यहाँ तक की तनाव के लक्षण पाए जा रहे हैं जिसके दुष्परिणाम भी हो रहे हैं।Stress यानि तनाव का सम्बन्ध किसी उम्र या किसी व्यक्ति विशेष से नहीं है जिसका कारण सभी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। आज हम तनाव तथा तनाव से मुक्त होने के Solution के बारे में चर्चा करेंगे।

तनाव के कारण

1. दिनचर्या बिगड़ना:



आजकल अधिकतर लोगों की दिनचर्या ठीक सी नहीं रहती है। नई पीढ़ी के युवक और युवतियाँ Computer, Mobile और विभिन्न Machines में अपना अधिकतर समय बिताते हैं जिसकी वजह से वो अपने परिजनों से, दोस्तों से दूर होकर एक नई आभासी दुनिया (Virtual World) में घुसते जा रहे हैं। उन्हें अपने आसपास हो रही गतिविधियों से कोई सरोकार नहीं है लेकिन परन्तु आभासी दुनिया (Virtual World) जैसे फेसबुक (Facebook), व्हाट्सप्प (Whatsapp) आदि में कौन सा दोस्त क्या कर रहा है यह पूरी तरह पता होता है। जिसका सबसे कारण बढ़ती हुई सुविधाएँ हैं, जैसे- Computer, Mobile और विभिन्न Machines का अधिक उपयोग करना जिसके कारण का दिमाग का उपयोग होना कम हो गया है।



2. आत्मविश्वास का कम होना:

आत्मविश्वास की कमी बहुत से लोगों में देखी जाती है। इच्छानुसार रोजगार ना मिलने से भी आत्मविश्वास में कमी देखी जा रही है। कुछ लोगों को बहुत मेहनत करने के बाद भी संतुष्टिजनक परिणाम नहीं मिलता है। कम्पनियों में जॉब के लिए बहुत से लोग आवेदन करते हैं लेकिन उनमें से कुछ ही उस जॉब को प्राप्त कर पाते हैं और बहुत से नहीं कर पाते हैं इससे उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है और तनाव बढ़ जाता है।

तनाव से मुक्ति के समाधान



1. दिनचर्या को सही रखना:

अपनी दिनचर्या को सही रखकर भी आप मानसिक और शारीरिक तनाव से दूर रह सकते हैं। अपने खाने, सोने और उठने का समय निर्धारित करें और कोशिश करें की Healthy खाना खाएँ।

2. मनपसन्द Activity करना:

इन सबके साथ-साथ आप अपने तनाव को दूर करने के लिए अपने पसंदीदा कार्य भी कर सकते हैं, जैसे- Games खेलना, Soft Music सुनना या travel करना, इनमें से जो भी पसन्द हो।

3. Machines का कम उपयोग:

आजकल नई पीढ़ी के युवक और युवतियाँ Computer, Mobile और विभिन्न Machines में अपना अधिकतर समय बिताते हैं जिसकी वजह से वो अपने परिजनों से, दोस्तों से दूर होकर एक नई आभासी दुनिया (Virtual World) में घुसते जा रहे हैं। उन्हें अपने आसपास हो रही गतिविधियों से कोई सरोकार नहीं है लेकिन परन्तु आभासी दुनिया (Virtual World) जैसे फेसबुक (Facebook), व्हाट्सप्प (Whatsapp) आदि में कौन सा दोस्त क्या कर रहा है यह पूरी तरह पता होता है।



यह सब आपको तभी फायदा करेगा जब आप इन सबको regular रखेंगे। 2 दिन, 4 दिन करके आपको कोई लाभ नहीं होगा। इन सबसे आपके जीवन तनाव जरूर दूर होगा।

4. योग एवं Morning Walk के लिए समय निकालें:

सबसे पहले हमे अपनी लाइफ में अपना daily routine बनाना चाहिए। अपने शारीरिक और मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए आप सुबह उठ कर सबसे पहले योग करें और कुछ लोग जिन्हें व्यायाम पसन्द है वे व्यायाम भी कर सकते हैं। योग के फायदे सभी जानते हैं इस से आपकी life संतुलित हो सकती है। Morning Walk करने की आदत से भी तनाव दूर होता है अगर हो सके तो हरे भरे वातावरण में हरी घास पर नंगे पाँव सैर करें।


5. Mobile Phone से दूरी बनाएँ:

पहले के लोग जब सुबह सुबह उठते थे तो सबसे पहले अपने परिजनों के पैर छूते थे लेकिन अब लोग सुबह उठकर लोग अपने phone में messages check करते हैं जैसे कोई कोई message नहीं पढ़ेंगे तो शायद लाखों का नुकसान हो जाएगा। लेकिन बैंक से सम्बन्धित messages अवश्य पढ़ें क्योंकि आज कल internet के विकास के करण धोखाधड़ी बढ़ती जा रही है, virtual लाइफ चाहे कितनी भी जरूरी हो जाये लेकिन रियल लाइफ से ज्यादा important नहीं हो सकती ये हम सबको समझना होगा। आप अपनी virtual और real लाइफ को manage करने के लिए अपना टाइम divide कर सकते हैं, जैसे आप काम करते समय mobile phone का कम से कम उपयोग करें। Technology का उपयोग करें परन्तु उस पर पूरी तरह आश्रित ना रहें।

6. किताबें पढ़ने की आदत डालें:

किताबें पढ़ना एक अच्छी आदत है और लगभग सभी महान लोग अच्छी अच्छी किताबें पढ़ते हैं क्योंकि परम ज्ञानी कोई नहीं हो सकता सभी को ज्ञान की आवश्यकता होती है और किताबों से अच्छा ज्ञान कोई आपको नहीं देगा क्योंकि किताबें ही सबसे अच्छी मित्र होती हैं। किताबें पढ़ने से आपका दिमाग खुलता है और आपको नॉलेज भी मिलती है और तनाव भी कम हो जाता है। आप rich dad poor dad, or power of positive thinking जैसी किताबें पढ़ सकते हैं। आप पढ़ने में घंटा- आधा घंटा दे सकते हैं।


7. Music सुनने की और गुनगुनाने की आदत डालें:

आप एक experiment करिए जब भी आपका mood off हो तो आप शान्ति से कहीं बैठ कर अपनी पसन्द का कोई भी गाना लगाएँ और उसे गाने के साथ साथ गुनगुनाएँ आपको बहुत हल्का feel होगा। Music में एक अलग तरह का attraction होता है जिस से हमारे दिमाग में neurons activate हो जाते हैं और हमें एक अच्छी अनुभूति होती है।

This post has been written by "Maahi sharma"

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