Theory of Intelligence in Hindi

Theory of Intelligence in Hindi

बहु-बुद्धि सिद्धांत...

नौ प्रकार की बुद्धि होती है जिसके द्वारा एक व्यक्ति दूसरे से भिन्न होता है। यद्यपि यह नौ प्रकार की बुद्धि सुप्त अवस्था में हमारी पास होती है। प्रत्येक बुद्धि एक विशेष रूप से विकसित होती है और व्यक्तिगत विभिन्नता के रूप में विशिष्ट व भिन्न बनाती है।

बहु बुद्धि सिद्धांत ( theory of intelligence) यह बताती है कि, किसी एक क्षेत्र में रुझान (interest) /विशिष्टता होने पर अन्य क्षेत्र में भी उतना सहज रुझान/विशिष्टता प्रदर्शित हो।

अमेरिका के प्रोफेसर हावर्ड गार्डनर ने वर्ष 1983 से इस पर ‘फ्रेम्स ऑफ माइण्डस्’ (frame of minds) (बुद्धियों का खाँचा) पर लिखना प्रारम्भ किया है। इनके विचारों से कई प्रश्नों के उत्तर खोजे जाने हैं जैसे - प्रखर शतरंज खिलाड़ी, पियानो वादक, धावक की बुद्धि दूसरे पक्षों की बुद्धि का सिद्धांत क्या है? क्योंकि अन्य बुद्धि क्षेत्र एवं अन्य योग्यताएँ परम्परागत बुद्धि परीक्षण के लिए जवाबदेह नहीं बनाई जाती है? कैसे बुद्धि शब्दावली को मानव के गणितीय, तार्किक, भायी प्रश्नों के संकीर्ण क्षेत्र तक परखा व समझा जाता है? 

इसलिए बुद्धि के व्यापक रूप को निम्नानुसार नौ श्रेणियों बाँटने का सिद्धांत है-


क्र. बुद्धि का प्रकार बुद्धि प्राप्तांक का प्रतिशत

1 तार्किक-गणितीय बुद्धि (logical mind) 13.33
2 संगीतीय बुद्धि ( musical mind) 8.89
3 प्राकृतिक बुद्धि (natural mind) 8.89
4 शाब्दिक बुद्धि (word formating mind) 6.67
5 अंतर वैयक्तिक (differenciation mind) 6.67
6 सौंदर्यपूर्ण शारीरिक हाव-भाव (गतिशीलता) (affectionate mind) 17.98
7 स्थानिक-दृश्य (place and frame mind) 13.33
8 अंतरा वैयक्तिक 15.56
9 अस्तित्व सम्बन्धी (present mind) 8.89
कुल 100 प्रतिशत

मैंकेलीज सिद्धांत बताता है कि, 3-3 बुद्धियों के संयोग बनाती है- विश्लेषण, अंतक्रिया एवं अंतदृश्य के क्षेत्र में रुझान/बुद्धि की प्रखरता जो निम्नानुसार है-

विश्लेषणात्मक 31.11 प्रतिशत

तार्किक- गणितीय बुद्धि  13.33
संगीतीय बुद्धि  8.89
प्राकृतिक बुद्धि  8.89

अंतक्रिया पक्ष 31.11 प्रतिशत

शाब्दिक बुद्धि  6.67
अंतर वैयक्तिक  6.67
सौंदर्यपूर्ण शारीरिक  17.98
हाव-भाव (गतिशीलता)

अंतदृश्य 37.78 प्रतिशत

स्थानिक- दृश्य  13.33
अंतरा वैयक्तिक  15.56
अस्तित्व सम्बन्धी  8.89

human mind आज भी ऐसा विषय है जिस पर आज भी कई research चल रहीं हैं क्योंकि इसकी क्षमता का आंकलन आज तक नही किया जा सका, हम सभी को अलग प्रकार की बुद्धि मिली है जिस से हम अपने आस पास के माहोल से परिचित होते हैं और अपने interest की चीजों को पहचान लेते हैं.
ये सोचने वाली बात है कि हम सभी को एक जैसी चीज़े पसंद नहीं होती, हमारे विचार, हमारे बोलने का तरीका, चलने का तरीका, पहनने का तरीका और तो और हम हर चीज़ पर अपने अगल अगल विचार रखते हैं.

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