Inspirational Poem for Students in Hindi

Inspirational Poem for Students in Hindi...

Prernadayak Kavita Chhatron ke liye...

एक बार इसे पढ़ लेना शायद पढ़ाई होने लगे,जब आप से पढ़ाई ना हो और मन नहीं लगे तो...

आज मायूस है तू, आज डरा हुआ है तू, 
आखिर क्या मायूस होना जीत है?, क्या डर के खामोश बैठ जाना जीत है?

अरे तू कभी ख़ुद्दार हुआ करता था अरे तू कभी रातों को पढ़ा करता था,
फिर आज ये डर कैसा, ये मायूसी कैसी?

क्या भूल गया वो पल जब तूने घर से बैग उठाया था,
क्या बोला था दोस्त को, क्या बोला था जलने वाले लोगों को?

अरे उस वक्त को याद कर जब तू अलग था, 
अरे वो वक्त याद कर जब तू ट्रेन में बैठा था, 
अरे उस मुसाफिर को याद कर जिसे IAS बनने की ट्रेन में बोला था

याद आ गए ना वो दिन जब सपनों को इज्जत माना जाता था, 
याद आ गए ना वो दिन जब दोस्त को पढ़ाई के बहाने, ना बोला जाता था

याद कर वो दिन जब अकेले में किसी को कहा था कि, IAS बनूँगा, 
क्यों चुप है अब, क्यों सोया है अब, अरे दो दिन में पहाड़ नहीं उखड़ते

अरे अपनी आत्मा को जगा, अपनी शक्ति को पहचान, 
मेरे दोस्त तू ही एक है जो तेरे सपने पूरे कर पाएगा कोई और नहीं

याद कर उस मजदूर को जिसे रोटी नहीं मिलती, 
याद कर उस बच्चे को जिसकी जिन्दगी प्लेटफार्म पर पलती

अरे याद कर उस दिन को जब तेरी आँखों के सामने अन्याय हुआ था, 
याद कर वो दिन जिस दिन उस ऑफिस में तेरा काम ना हुआ था

याद कर जब कोई बाइक तेरे पास से ऐसे गुजारा मानो अमीरी दिखा रहा है, 
याद आया वो दिन जब बहन के साथ था और सोच रहा था कब घर आएगा

याद कर माँ की वो कहानी जिसके बाद माँ रोई थी...


अरे क्या ये जुल्म नहीं और तू हिम्मत हारा तो कौन खत्म करेगा इन्हें?
भूखे को रोटी कौन दिलाएगा? सड़क पर पैदा हुए बच्चे को कौन स्कूल दिखलाएगा

अरे सब बदलना चाहता है न तू, दुराचारियों से बदला लेना चाहता है ना तू,
अरे अपने लिए नहीं अपने देश के लिए ही सही

अरे उस लड़की के लिए ही सही जो अच्छी लगती थी,
पर नौकरी न होने से दिल में ही अच्छी लगती रही

अरे अपने घर को याद कर जिसका छप्पर अभी नहीं बदला,
अरे पिता को याद कर जो तेरे बारे में मोहल्ले भर में बोला करते हैं

अरे माँ को याद कर, माँ को कहता था न तू कि, तेरा बेटा DM होगा
बहन को क्या बोला था की तेरी शादी जोरो से करूँगा

बता क्या मायूस होना हल है, क्या चुप रहना हल है?
नहीं, तो फिर सोचता क्या है उठा किताब पढ़ डाल इतिहास

पढ़ डाल राजनीती पढ़ डाल अर्थशास्त्र पढ डाल भूगोल,
पढ़ डाल पर्यावरण पढ़ डाल विज्ञान, करेंट की चिंता मत कर

करेंट तू खुद बनायेगा कल तू भी कुछ होगा,
अरे प्रतियोगिता दर्पण, क्रोनिकल, योजना कुरुक्षेत्र, विज्ञान प्रगति में तेरा फोटो होगा

कोई पढ़ेगा तेरे सपनों का भारत और उसमें ये होगा,
गरीब को सहारा, भूखे को रोटी, लाचार को प्यार

पिता जी को सम्मान, माँ के आँचल की शक्ति, बहन की सुरक्षा,
ऐसा होगा तेरा लिखा भारत, जो जरूर छपेगा

अब कोई तुझे रोक नहीं सकता, तो उठा किताब और दिखा दे
कि, तू सच्चा दोस्त है, भाई है, बेटा है, देश भक्त है, नेक इन्सान है, दयावान है।

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