Sindhu Ghaati Sabhyata in Hindi

सिन्धु घाटी सभ्यता

indus valley civilization in hindi





1- सिंधु घाटी सभ्यता (3300- 1700 ई.पू.) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी- यह हड़प्पा सभ्यता और सिंधु- सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जानी जाती है- इसका विकास सिंधु और घघ्घर/हकड़ा (प्राचीन सरस्वती) के किनारे हुआ- मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी और हड़प्पा इसके प्रमुख केंद्र थे।
indus valley civilization was one of the oldest civilisation grown at the bank of rivers indus and ghaggar. it is also called saraswati civilization. mohan jo dharo, kalibanga, lothal, dholaveera, rakhighadi and hadappa was the main centers of this civilization.

2- सिंधु सभ्यता सैंधवकालीन नगरीय सभ्यता थी- सैंधव सभ्यता से प्राप्त परिपक्वच अवस्था् वाले स्थालों में केवल 6 को ही बड़े नगरों की संज्ञा दी गई है- ये हैं: मोहनजोदड़ों, हड़प्पा, गणवारीवाला, धौलवीरा, राखीगढ़ और कालीबंगन।

3- सिंधु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने की।
raybahadur sahni discovered indus valley civilization.

4- सिंधु सभ्यता को प्राक्ऐतिहासिक (Prehistoric) युग में रखा जा सकता है।
indus valley civilisation comes in prehistoric period.
5- सिंधु सभ्यता की मुख्य फसलें थी गेहूँ और जौ। 
wheat and barley were the two main crops of indus valley civilisation.
6- सिंधु सभ्यता के सर्वाधिक पश्चिमी पुरास्थल सुतकांगेंडोर (बलूचिस्तान), पूर्वी पुरास्थल आलमगीर (मेरठ), उत्तरी पुरास्थल मांदा (अखनूर, जम्मू कश्मीर) और दक्षिणी पुरास्थल दाइमाबाद (अहमद नगर, महाराष्ट्र) हैं।


7- रेडियो कार्बन c14 जैसी विलक्षण- पद्धति के द्वारा सिंधु घाटी सभ्यता की सर्वमान्य तिथि 2350 ई.पू. से 1750 ई.पू. मानी गई है।
universal date for the indus valley is 2350 A.D to 1750 B.C.
8- अग्निकुंड लोथल और कालीबंगा से मिले हैं।
fire ovens was found from lothal and kalibanga.
9- सैंधव सभ्यता के विनाश का सबसे बड़ा कारण बाढ़ था।
flood was the biggest reason for the destruction of indus valley civilisation
10- जुते हुए खेत और नक्काशीदार ईंटों के प्रयोग का साक्ष्य कालीबंगन से प्राप्त हुआ है।
ploughed field and embroided bricks were found in kalibanga.
11- मोहनजोदड़ो से मिले अन्नागार शायद सैंधव सभ्यता की सबसे बड़ी इमारत थी।
annagar (grain storage)  was one of the most biggest building of that time.
12- मोहनजोदड़ो से मिला स्नानागार एक प्रमुख स्मारक है, जो 11.88 मीटर लम्बा और 7 मीटर चौड़ा है।
bath house was itself a monument which is 11.88m in length and 7m wide.
13- हड़प्पा के सर्वाधिक स्थल गुजरात से खोजे गए हैं।
main centers of harappa was found in gujrat.
14- मोहनजोदड़ों से प्राप्त एक शील पर तीन मुख वाले देवता की मूर्ति मिली है जिसके चारों ओर हाथी, गैंडा, चीता और भैंसा थे।
a stone in which god with 3 faces was found in mohenjodaro surrounded by elephant, hippo, leopard and buffalo.
15- मनोरंजन के लिए सैंधव सभ्यता को लोग मछली पकड़ना, शिकार करना और चौपड़ और पासा खेलते थे।
fishing, hunting and playing ludo etc were the main means of entertainment.
16- मोहनजोदड़ों से एक नर्तकी की कांस्य की मूर्ति मिली है।
a bronze statue was also found in mohenjodaro

17- मनके बनाने के कारखाने लोथल और चन्हूदड़ों में मिले हैं।
pearl industry was found in lothal and chundhado
18- सिंधु सभ्यता की लिपि भावचित्रात्मक है- यह लिपि दाई से बाईं ओर लिखी जाती है।
inscription of indus valley was full of emotion which is written left to right
19- सिंधु सभ्यता के लोगों ने नगरों और घरों के विनयास की ग्रिड पद्धति अपनाई थी, यानी दरवाजे पीछे की ओर खुलते थे
houses and buildings were build in grid system which means doors were opened at the back.
20- इस सभ्यता के मुख्य निवासी द्रविड़ और भूमध्य सागरीय थे।

21- सिंधु सभ्यता को लोग मिठास के लिए शहद का इस्तेमाल करते थे।

22- रंगपुर और लोथल से चावल के दाने मिले हैं, जिनसे धान की खेती का प्रमाण मिला है।

23- सरकोतदा, कालीबंगा और लोथल से सिंधुकालीन घोड़ों के अस्थिपंजर मिले हैं।

24- तौल की इकाई 16 के अनुपात में थी।

25- सिंधु सभ्यता के लोग यातायात के लिए बैलगाड़ी और भैंसागाड़ी का इस्तेमाल करते थे।

26- मेसोपोटामिया के अभिलेखों में वर्णित मेलूहा शब्द का अभिप्राय सिंधु सभ्यता से ही है।

27- हड़प्पा सभ्यता का शासन वणिक वर्ग को हाथों में था।

28- सिंधु सभ्यता के लोग धरती को उर्वरता की देवी मानते थे और पूजा करते थे।

29- पेड़ की पूजा और शिव पूजा के सबूत भी सिंधु सभ्यता से ही मिलते हैं।

30- स्वस्तिक चिह्न हड़प्पा सभ्यता की ही देन है- इससे सूर्यपासना का अनुमान लगाया जा सकता है।

31- सिंधु सभ्यता के शहरों में किसी भी मंदिर के अवशेष नहीं मिले हैं।

32- सिंधु सभ्यता में मातृदेवी की उपासना होती थी।

33- पशुओं में कूबड़ वाला सांड, इस सभ्यता को लोगों के लिए पूजनीय था।

34- स्त्री की मिट्टी की मूर्तियाँ मिलने से ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है कि, सैंधव सभ्यता का समाज मातृसत्तात्मक था।

35- सैंधव सभ्यता के लोग सूती और ऊनी वस्त्रों का इस्तेमाल करते थे।

36- आग में पकी हुई मिट्टी को टेराकोटा कहा जाता है।

37- कालीबंगा एक मात्र ऐसा हड़प्पाकालीन स्थल था, जिसका निचला शहर भी किले से घिरा हुआ था।

38- सिंधु सभ्यता के लोग तलवार से परिचित नहीं थे।

39- पर्दा- प्रथा और वैश्यवृत्ति सैंधव सभ्यता में प्रचलित थीं।

40- शवों को जलाने और गाड़ने की प्रथाएँ प्रचलित थीं- हड़प्पा में शवों को दफनाने जबकि मोहनजोदड़ों में जलाने की प्रथा थी- लोथल और कालीबंगा में काफी युग्म समाधियाँ भी मिली हैं।

41- लोथल और सुतकोतदा- सिंधु सभ्यता का बंदरगाह था।

42- हड़प्पा की मोहरों में एक ऋृंगी पशु का अंकन मिलता है।

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