Thalassemia, Symptoms and Treatment In Hindi

Thalassemia, Symptoms and Treatment In Hindi





मैंने सोचा कि, थैलासीमिया लगभग एक असाध्य बीमारी है और इसका इलाज भी बहुत problematic होता है तो क्यों न आप सब को इस के बारे में बताया जाए क्योंकि cure is prevention of disease मतलब बीमारी से अच्छा है कि, उसकी रोकथाम की जाए। Thalassemia बहुत ही rare बीमारी है हो सकता है आप से इस बीमारी का नाम पहले सुना ही न हो। कुछ दिनों पहले ही मुझे भी इस के बारे में पता चला और मैंने इसके बारे में research start कर दी और मैं भी हैरान हूँ कि, इतनी गम्भीर बीमारी के बारे में अब भी बहुत से लोगों को पता ही नहीं है। तो आइए इसके बारे में थोड़ा जानते हैं।


Thalassemia:

it is a blood disorder involving lower than normal amounts of an oxygen carrying protein and fewer red blood cell in the body than normal. Hindi में भी इसका मतलब जान लीजिए थालासेमिया खून से सम्बन्धित बीमारी है जो कि, आपके शरीर में blood का behavior बदल देती है जिसकी वजह से red blood cells में oxygen की मात्रा कम हो जाती है

symptoms of thalassemia (लक्षण ):


हो सकता है कि, thalassemia के मरीज को इस बीमारी के बारे में पता ही न चले क्योंकि ये बीमारी direct problem नहीं करती बल्कि छोटे-छोटे parts में नुकसान करती है जैसे (dizzy) कभी-कभी चक्कर आना, (weakness) कभी कमजोरी feel होना, (fatigue) कभी थकावट हो जाना, (joint pain) खड़े होने में problem होना, (paleness) शरीर पीला पड़ जाना और (slow growth) शरीर का विकास धीरे-धीरे होना आदि



types of thalassemia:




thalassemia basically 2 प्रकार की होती है।

thalassemia minor और thalassemia major.


thalassemia minor:



normally thalassemia minor के parient को कोई खतरा नहीं होता क्योंकि बचपन में कोई लक्षण नहीं दिखाई देता जब तक कि, कोई check up न करवाया जाए और जैसे-जैसे आपकी age बढ़ती है उसी तरह ये डिमरी अपने पंख फ़ैलाने लगती है क्योंकि body में chemical dis-balance होने लगते है thalassemia में body में blood बनता तो है लेकिन सही से नहीं बन पाता और बाकी अंगों तक नहीं पहुँच पाता जिस से thalassemia के लक्षण दिखाई देने लगते हैं लेकिन thalassemia minor का उपचार कुछ हद तक किया जा सकता है यदि आप regular exercise, yoga, aerobics और अच्छी diet ले रहे हैं तो आप thalassemia होने के बाद ही एक normal जीवन जी सकते हैं





thalassemia major:

जिस प्रकार एड्स एक असाध्य बिमारी है उसी प्रकार thalassemia major भी एक असाध्य बीमारी है क्योंकि इस का भी अभी कोई पक्का इलाज पता नहीं चल पाया है बहुत से countries में इस पर अभी research चल रहा हैthalassemia major के symptoms बचपन से दिखाई देने लगते हैं क्योंकि इस स्टेज में body में खून बनता ही नहीं है या न के बराबर बनता है, thalassemia major बहुत ही rare disease है अगर ये किसी को हो जाए तो उसे जीवन भर external blood transfusion की जरुरत पड़ेगी मतलब जो भी उसका blood group होना उसे उस blood group का खून हर 2-3 months में लेना होगा क्योंकि उसी body में पर्याप्त खून बनता ही नहीं

थालासेमिया के कारण (cause):

हमारी body में blood 2 parts में बनता है thalassemia minor में एक part ख़राब हो जाता है और thalassemia major में दोनों parts अब ये होता कैसे है...? हाँ लीजिए अगर thalassemia minor के patient की शादी किसी normal इंसान से हो जाए तो बच्चे में 25% chances हैं कि, बच्चे में भी thalassemia minor के लक्षण आ सकते हैं और यदि 2 thalassemia minor वाले patient की आपस में शादी हो जाए तो 25% chances हैं कि, बच्चे में thalassemia major के लक्षण आ सकते हैं



अमिताभ बच्चन जी भी एक thalassemia minor के patient हैं जो कि, एक normal life जी रहें हैंthalassemia के Asia में 5% मरीज है और पाकिस्तान में लगभग 5000. thalassemia के मरीज हैं इससे बहुत ही आसान तरीके से बचा जा सकता है, अगर हम किसी तरह से दो thalassemia patient कि, आपस में शादी न होने दे या शादी के time पर थोड़ा समझ कर कदम उठाएँ तो जरूर हम सब thalassemia से बच सकते हैं।



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