Why Do We Dream Explained In Hindi

Why Do We Dream Explained In Hindi?
हम सपने क्यों देखते हैं...?




हम सभी सपने देखते हैं, कभी हम अच्छा सपना देखते हैं और कभी हम बुरा, कभी कभी तो सपनों और Reality में फर्क करना बहुत ही कठिन हो जाता है। वैसे तो आज तक Dream के पीछे का Logic की कोई साइंटिफिक व्याख्या नहीं कर पाया है क्योंकि इसका कोई साइंटिफिक Reason दिखाई नहीं देता हम होते हुए भी कुछ ऐसी चीजों को देखते हैं जो हमसे बहुत अलग हैं। आज 21 Century में भी हम इसका मतलब सर्च कर रहे हैं Dreams का भले ही कोई Scientific Explanation नहीं है लेकिन Dreams की कुछ Interesting Theories जरूर हैं। 


History Of Dreaming In Hindi:

3rd Century में Mesopotamia के राजाओं ने अपने सपनों को पत्थरों पर गुदवाया था। फिर 1000 साल बाद Ancient Egypt के लोगों ने एक Book लिखी जिसे Dream Book कहा गया इस Book में 1000 से अधिक Common Dream का मतलब और उन्हें Explain किया गया था।

We Dreams To Fulfill Our Wishes:

सन 1900 में एक Scientific Research में अनुसार हम जो भी अपने सपनों में देखते हैं वे हमारे Subconscious Brain में छपी हुई Images होती हैं। जैसे कोई Animal, Shoes, Car, Candle, Family, A Beautiful Girl, Birds, Snakes और कुछ भी ऐसा जो आप रोज़ देखते हैं और इन सबका कुछ न कुछ मतलब होता है, हम जो भी Story या सपना देखते हैं उसमें हमारी Different Emotions छुपे होते हैं जैसे Fear, Insecurity, Status, Strength, Lust Etc जब हम नींद से सुबह जागते हैं तो कुछ Emotions हम भूल जाते हैं लेकिन इनमें से कुछ Emotions हमें याद रह जाते हैं और जो Emotions हमें याद रह जाते हैं, हमारा Brain उन पर Based Story बना लेता है इसे ही हम Dream कहते हैं। हमारे मन में बहुत सी Desires होती है जो हम अपनी Real Life में पूरी नहीं कर पाते उन्हें हम अपने Brain में Subconsciously Fit कर देते हैं और वही हमें बार-बार दिखाई देते हैं।


We Dream To Remember And Forget:

हम अपनी Mental और Physical Power को Life में Maintain करने की कोशिश करते रहते हैं ताकि हम Mental Tasks को अच्छी तरह निभा सकें लेकिन हम सोते समय सपने देखते समय जो हमारे लिए जरूरी होता है उसे याद करते हैं और जो जरूरी नहीं होता उसे भूल जाने की कोशिश करते रहते हैं ये सब हमारे Unconscious Brain में होता है इस पर हमारा कोई Control नहीं होता। ये सब जो हम सोचते हैं, जो हम करते हैं इस पर Depend करता हैं Research में पता चला है कि, Body के कुछ Function ऐसे हैं जो केवल Dreams में ही होते हैं जैसे हमारी Body और Brain में 10,000 से भी अधिक Neuro Connection होते हैं जो एक-दूसरे को Signal Send करते हैं और साथ ही साथ Receive भी करते हैं।


Reverse Learning Theory Of Dreaming In Hindi

According to Freud 1983 में सपनों पर हुई Research से पता चला कि, हम सोते समय Brain का हिस्सा Neuron Cortex Active रहता है और सभी Brain Connections को Check करता है और जो Information जरूरी नहीं होती उसे Fade (धुँधला) कर देता है और धीरे-धीरे मिटा देता है।

Continual Activation Theory In Hindi (Lucid dreaming)

हमारे Brain को बहुत सी Information Save करके रखनी पड़ती हैं और हमारा Brain ये तब से कर रहा है जब से हम इस दुनिया में आए हैं। इसलिए जब हम सोते हैं तो हमारा Brain बंद नहीं होता ये Rest Mode पर होता है क्योंकि सोते हुए हम कुछ करते नहीं हैं तो Brain के पास केवल Body के Internal Functions के अलावा कोई अन्य काम नहीं होता इसलिए Brain Save की हुई Memory में से कुछ Memory के Part को Recall (दोहराता) करता है। जिन्हें हम Thoughts और Feelings के Through Experience करते हैं। अगर दूसरे शब्दों में कहें तो आपका Brain आपके मन का Screensaver है जो कभी Shutdown नहीं होता।


We Dream To Solve Problems:

जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारी Life में Problems आती-जाती हैं और हम उन्हें Solve करने के नए-नए तरीके सोचते रहते हैं। हम अपने Dreams में बहुत सी जटिल Situations Face करते हैं और अपने आप को कठिन परिस्थितियों में पाते हैं तो जब हम सो जाते हैं तो हमारा Brain उन Situations से निकलने के तरीकों पर Work करता है जिसे Committee Of Sleeping कहा जाता है।

सोने की बहुत सी Theories हैं लेकिन कोई भी Theory वैज्ञानिक व्याख्या नहीं करती लेकिन सपने देखना एक Natural Process है जो Life का एक Part है समस्या चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो वह Solve जरूर हो जाती हैं और हमारा मन कितना भी भारी हो एक अच्छी नींद के बाद हम अपने मन में हल्कापन महसूस करते हैं।


लेख अच्छा लगने पर Share करें और अपनी प्रतिक्रिया Comment के रूप में अवश्य दें, जिससे हम और भी अच्छे लेख आप तक ला सकें। यदि आपके पास भी कोई लेख, कहानी, किस्सा हो तो आप हमें भेज सकते हैं, पसंद आने पर लेख को आपके नाम के साथ भन्नाट.कॉम पर पोस्ट किया जाएगा, अपने सुझाव आपWordparking@Gmail.Com पर भेजें, साथ ही Twitter पर फॉलो करें...

धन्यवाद !!!


Previous
Next Post »